विश्व भर में पहुँच है हमारी हिन्दी
असल में, यदि हम विगत तीन शताब्दियों पर विचार करें, तो कई रोचक निष्कर्ष पा सकते हैं. यदि अठारहवीं सदी आस्ट्रिया और हंगरी के वर्चस्व की रही है, तो उन्नीसवीं सदी ब्रिटेन और जर्मनी के वर्चस्व का साक्ष्य देती है. इसी तरह बीसवीं सदी अमेरिका एवं सोवियत संघ के वर्चस्व के रूप में विश्व नियति का निदर्शन करने वाली रही है. आज स्थिति यह है कि लगभग विश्व समुदाय दबी जुबान से ही सही, यह कहने लगा है कि इक्कीसवीं सदी भारत और चीन की होगी.
21वीं विज्ञान एवं तकनीक के सहारे पूरी दुनिया एक वैश्विक गाँव में तब्दील हो रही है और स्थलीय व भौगोलिक दूरियां अपनी अर्थवत्ता खो रहीं हैं, तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी. वर्तमान विश्व व्यवस्था आर्थिक और व्यापारिक आधार पर ध्रुवीकरण पुनर्संघटन की प्रक्रिया से गुजर रही है. ऐसे में हर उस राष्ट्र को अपनी संस्कृति, साहित्य और सभ्यता से बेहतर सरोकार बनाना होगा, जिसे वैश्विक मंच पर अपनी दमदार उपस्थिति दिखानी है.
असल में, यदि हम विगत तीन शताब्दियों पर विचार करें, तो कई रोचक निष्कर्ष पा सकते हैं. यदि अठारहवीं सदी आस्ट्रिया और हंगरी के वर्चस्व की रही है, तो उन्नीसवीं सदी ब्रिटेन और जर्मनी के वर्चस्व का साक्ष्य देती है. इसी तरह बीसवीं सदी अमेरिका एवं सोवियत संघ के वर्चस्व के रूप में विश्व नियति का निदर्शन करने वाली रही है. आज स्थिति यह है कि लगभग विश्व समुदाय दबी जुबान से ही सही, यह कहने लगा है कि इक्कीसवीं सदी भारत और चीन की होगी. आज भारत और चीन विश्व की सबसे तीव्र गति से उभरने वाली अर्थव्यवस्थाओं में से हैं तथा विश्व स्तर पर इनकी स्वीकार्यता और महत्ता स्वतः बढ़ रही है. अपनी कार्य निपुणता तथा निवेश एवं उत्पादन के समीकरण की प्रबल संभावना को देखते हुए ही भारत और चीन को निकट भविष्य की विश्व शक्ति के रूप में देखा जाने लगा है.
जाहिर है कि जब किसी राष्ट्र को विश्व बिरादरी अपेक्षाकृत ज्यादा महत्त्व और स्वीकृति देती है तथा उसके प्रति अपनी निर्भरता में वृद्धि पाती है, तो उस राष्ट्र की तमाम चीजें स्वतः महत्त्वपूर्ण बन जाती हैं. ऐसी स्थिति में भारत की विकासमान अंतरराष्ट्रीय हैसियत हिंदी के लिए वरदान जैसा है. यह सच है कि वर्तमान वैश्विक परिवेश में भारत की बढ़ती उपस्थिति हिंदी की हैसियत का भी उन्नयन कर रही है. आज हिंदी राष्ट्रभाषा की गंगा से विश्वभाषा का गंगासागर बनने की प्रक्रिया में है.


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